समारोह
धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन
कथा, जागरण, शिविर और सामूहिक पूजा — श्रद्धा के साथ व्यवस्था।
येलि
पर्व की रात, रविवार की कथा, या कुछ दिनों का शिविर।
इलाक़॒
मंदिर, आश्रम और घर
धार्मिक आयोजन में भीड़ और मंत्र एक साथ आते हैं। कथा हो, सुंदरकांड हो, या कुछ दिनों का साधना-शिविर — पहले यह तय करें कि स्थान कितने लोगों को सुरक्षित रख सकता है, और पाठ कौन करेगा। घर की पूजा और सार्वजनिक सभा एक ही तैयारी नहीं माँगतीं।
यह पृष्ठ किसी संप्रदाय का विज्ञापन नहीं। प्रतिष्ठान सामान्य ढाँचा बताता है: संकल्प, पाठ, प्रसाद और विसर्जन। अपनी परंपरा से जो न हो, उसे संख्या बढ़ाने के लिए न जोड़ें। अनुरोध में शहर, तिथि की इच्छा और आयोजन का नाम लिखें।
यि छु अख आम तारुफ़। तरतीब, सामान त॒ वख्त छि ख़ानदान, इलाक़॒ त॒ शाखस सित॒ बदलान। आखिर बात छे पननिस पुरोहितस त॒ पननी रीति हुंद।