पूजा
हवन
अग्नि मे अर्पण - घर वा आँगन मे बलिदान।
जखन
संस्कार, गृह प्रवेश, वा कोनो विशेष संकल्पक दिन।
हवन मे कुंड, समिधा, घृत आ निर्धारित सामग्री होइत अछि | प्रसाद के साथ-साथ एकरा स्वाहा कहलऽ जाय छै । आगि के गवाह मानब सनातन परंपरा के केंद्र में अछि | विवाहक आगि आ अंतिम संस्कारक चिता एकहि भावक दू रूप अछि ।
व्यावहारिक बात सेहो मूल्य थिक। हवन हवादार जगह पर होबाक चाही, धुआं बच्चा आ मरीज तक नहि पहुंचबाक चाही, आ आगि बुझलाक बादहि जगह छोड़बाक चाही। समतल मे छोट पोखरि आ कम सामग्री उचित अछि ।
ई एकटा सामान्य परिचय अछि | कुल, क्षेत्र आ शाखाक अनुसार क्रम, सामग्री आ मुहुरत भिन्न-भिन्न होइत अछि । अपन पुरोहित आ अपन संस्कार केँ अंतिम बुझू।