पूजा
सत्यनारायण कथा
परिवारक समागमक कथा - पूर्णिमा दिन वा कोनो शुभ दिन।
जखन
पूर्णमासी, संक्रांति या परिवार के शुभ दिन।
सत्यनारायणक कथा पाँच अध्याय मे सुनल जाइत अछि | घरक सफाई होइत अछि, गणेश आ सत्यनारायणक लेल सीट बनैत अछि, आ प्रायः प्रसादक रूप मे शीरा वा पंजीरी बनैत अछि | पड़ोसी आ रिश्तेदार कथा सुनय लेल अबैत छथि – एकर असली चाल यैह थिक ।
अपन पुरोहित वा कोनो विश्वसनीय पोथी सँ कथा सुनाउ। पूरा कथा एतय प्रकाशित नहि भेल अछि, जाहि सँ कोनो अपूर्ण पाठ नहि अछि । प्रतिष्ठान तैयारी के बारे में बताबैत अछि : सामग्री, बैसब आ प्रसाद।
ई एकटा सामान्य परिचय अछि | कुल, क्षेत्र आ शाखाक अनुसार क्रम, सामग्री आ मुहुरत भिन्न-भिन्न होइत अछि । अपन पुरोहित आ अपन संस्कार केँ अंतिम बुझू।