संस्कृति
गरबा
नवरात्रि के दौरान दीप के चारों ओर घूमते सामुदायिक नृत्य।
जखन
आश्विन के नवरात्रि।
क्षेत्र
गुजरात
गरबा माटिक घैल वा गोल दीप मे नाचल जाइत अछि । दंडिया लाठीक संग रूप अछि। भगवतीक नौ रूप एहि नौ रातिक कथा थिक । शहरक पैघ गरबा आ गामक गरबा दुनू जीवित अछि । जोरदार संगीत नवका कवर अछि, पहिया पुरान अछि।
गुजराती परिवार नवरात्रि कए विदेश मे सबस बेसी सार्वजनिक संस्कृति क रूप मे ल गेल अछि। ओतहु दीपक केंद्र मे राखू, खाली मंच नहि बनाउ। बच्चा सभकेँ अर्थ बुझबाक चाही – ई भगवतीक परिक्रमा थिक, मात्र रातिक आयोजन नहि ।
ई एकटा सामान्य परिचय अछि | कुल, क्षेत्र आ शाखाक अनुसार क्रम, सामग्री आ मुहुरत भिन्न-भिन्न होइत अछि । अपन पुरोहित आ अपन संस्कार केँ अंतिम बुझू।