तीर्थयात्रा
पुरी
पूर्व के धाम। जगन्नाथ, रथ यात्रा एवं महाप्रसाद।
जखन
साल भर। आषाढ़ के रथ यात्रा सबस पैघ मेला अछि।
क्षेत्र
ओडिशा
पुरी मे जगन्नाथ, बलभद्र आ सुभद्रा एकटा मंच पर बैसैत छथि । रथ यात्रा मे मूर्ति सब गुंडीचा घर जा क वापस आबि जाइत छथि । महाप्रसाद एकटा अद्वितीय संस्कार अछि – एकरा बजारक थारी जकाँ नहि मानू। मंदिर के अपन शिष्टाचार आ पहिरन के नियम छै। पहिने जानू।
समुद्र नजदीक अछि, मुदा स्नान करबाक अपन चेतावनी होइत छैक । तीर्थ आ लहर केँ एक नहि मानू। बुजुर्ग लोकनि केँ रथक दिन ऊँच स्थान सँ, भीड़ सँ दूर, दर्शन करब अफसोसक बात थिक।
ई एकटा सामान्य परिचय अछि | कुल, क्षेत्र आ शाखाक अनुसार क्रम, सामग्री आ मुहुरत भिन्न-भिन्न होइत अछि । अपन पुरोहित आ अपन संस्कार केँ अंतिम बुझू।