भारतस्य परिवाराणां कृते विदेशेषु निवसतां भारतीयानां च कृते

उत्सवाः समारोहाश्च

अष्टविधाः आयोजनाः

विवाहात् पर्वपर्यन्तम्, यदा च सज्जा सूची न युज्यते। एषा आरक्षणपेटिका न। अर्थः अत्र, याचना सम्पर्कात् गच्छति।

  1. ०१ विवाह और वैवाहिक समारोह सगाई से विदाई तक — विधि उत्सव में खो न जाए। वर और वधू, दोनों कुल
  2. ०२ धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन कथा, जागरण, शिविर और सामूहिक पूजा — श्रद्धा के साथ व्यवस्था। मंदिर, आश्रम और घर
  3. ०३ संस्कार और पारिवारिक समारोह नामकरण, अन्नप्राशन, मुंडन, गृह प्रवेश — घर के अपने लोग, घर की अपनी रीति। परिवार का अपना घर
  4. ०४ सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम मिलन, सम्मान, मेला और लोक-प्रस्तुति — क्षेत्र का रूप बनाए रखें। मोहल्ला, संस्था और नगर
  5. ०५ संस्थागत और व्यावसायिक आयोजन स्थापना दिवस, सम्मेलन या सम्मान-समारोह, बिना परंपरा को अलंकरण बनाएँ। कार्यालय और संस्थान
  6. ०६ पर्व और त्योहार दीपावली, होली, नवरात्र, ओणम, बिहू — घर का पर्व, क्षेत्र का रूप। घर, गाँव और नगर
  7. ०७ भोज और सामुदायिक भोजन प्रसाद, भंडारा और सामूहिक भोजन — पवित्रता और पेट, दोनों का ध्यान। समुदाय और परिवार
  8. ०८ अपनी जरूरत के अनुसार योजना जब कोई तैयार सूची फिट न बैठे — दो कुल, दो देश, या एक असाधारण दिन। भारत और विदेश

एतत् सामान्यपरिचयम् । क्रमः, सामग्रीः, मुहूर्तं च कुलप्रदेशशाखानुसारं भिद्यते । भवतः पुरोहितं भवतः संस्कारं च अन्तिमं मन्यताम्।

एतत् सेवां याचत