تقریبات
संस्कार और पारिवारिक समारोह
नामकरण, अन्नप्राशन, मुंडन, गृह प्रवेश — घर के अपने लोग, घर की अपनी रीति।
جب
जब परिवार किसी पड़ाव पर एकत्र होता है।
علاقہ
परिवार का अपना घर
सोलह संस्कारों में से कई आज एक पारिवारिक समारोह का रूप लेते हैं। नामकरण पर रिश्तेदार आते हैं, अन्नप्राशन पर मीठा बँटता है, गृह प्रवेश पर नई देहली सँवरती है। उत्सव रह सकता है। अर्थ भी रहे — कौन-सा संकल्प है, और वह आपके कुल में किस रूप में होता है।
प्रतिष्ठान इन पन्नों पर सामान्य परिचय रखता है। समारोह की सेवा उसी समय काम आती है जब घर यह तय न कर पाए कि विधि क्या है और दावत क्या। अनुरोध में संस्कार का नाम, शहर और शाखा लिखें। मुहूर्त अपने आचार्य से पक्का करें।
یہ ایک عام تعارف ہے۔ ترتیب، مواد، اور وقت خاندان، علاقہ اور شاخ کے ساتھ تبدیل ہوتا ہے۔ آپ کے پجاری اور آپ کے اپنے رواج کے پاس آخری لفظ ہے۔